"Koi Nahi त्यागेगा अपना सर्टिफिकेट"!
कहते है सर्टिफिकेट आदमी का चेहरा, मोहरा और मोहर देख कर नहीं मिलता है बल्कि वो अपने डैम पर उसको प्राप्त करता है। जब आप किसी को पढ़ा लिखा समझेंगे तभी वो पढ़ा लिखा लगेगा! नहीं तो सड़क पर चलने वाला हर वो व्यक्ति अपने आप में विद्वानन है जिसे समझ है की सड़क कब और कितनी गति से पर करना है।
यहाँ कही नहीं सोच से इंसान समृद्ध हुआ है जब भी हुआ है तो अपने कर्मो से! कितने लोग है आज जो भारत में महंगाई का रोना रटते है पर उनके पास कमसे-काम खाने पहनने के कपडे है।
अगर आज से पचास साल पहले के भारत के हालत देखिये तो पिछले पांच साल में काफी परिवर्तन आया है। अगर जीने की इच्छा ही छोड़ दे इंसान तो उसकी मृत्यु निश्चित है और अगर हल पल जदोजहद करे तो किस्मेट आपकी भरी है।।।
कोणवीरस -१९ का जो खौफ फैलाया गया उसकी वजह सिर्फ यही थी की कुछ लोग भारत को नंबर १ पोस्टिव पर आते देख कर सकते मेंन आ गए। उन्हें बर्दाश्त नहीं हुआ की जो भारत कभी अमेरिका और ब्रिटैन का मोहताज हो गया तहत आज लोगो की म्हणत से समृद्ध हो गया है।
अगर मीडिया ये दिखते है की लुधिअना में वो लोग सड़को पर जीने को मजबूर है तो उन्हें समझना चाहिए की वो लोग वापस अपने गर भी तो पहुंचे है जिन्होंने अपनी आधी जिंदगी झोंक दी दो वक़्त की रोटी कमाने के लिए।
एक कहावत है "का खाई का बचाई और का ले जय प्रदेश से एकरा से ाचा खत रही रोटी अप्पन देश में"!
नाउ, गेटिंग बैक तो थे पॉइंट िफ़ वे सी तहत इंडिया है बिकम ान नंबर इन एक्सपोर्टिंग ऑफ़ फ़ूड प्रोडक्ट्स एंड वेजटेबल्स व्हिच शोज की वे अरे नॉट बिकमिंग नंबर ओने इन टर्म्स ऑफ़ नौटंकी बूत बूत आईटी इस बिकॉज़ ऑफ़ आवर थॉट्स ऑफ़ जनरेटिंग आवर ओन ब्रेड एंड बटर।
ी रेमेम्बेर तहत वन्स ान अंकल साइड ात माय होम तो सेंड में ात नेतरहाट बोर्डिंग स्कूल, बूत नेक्स्ट वर्ड हे साइड वास् तेरा आंख बेच देंगे वह घाना हाट लगता है नेत्रों का"!
नाउ, व्हेन ी सी थे ब्यूटी ऑफ़ नेटर हाट ीफील तहत िफ़ ी ओल्ड हैवे गॉन तेरे ात नेटरहैट स्कूल व्हिच वास् नवोदय विद्याला ी वोउल्ड हैवे फेल्ट हैप्पी।
बूत ुंफोरटूनटेली इन इंडिया फर्स्ट वे मेक आवर चिल्ड्रन गेट अफ्रेड थें वे पूत थम ात टास्क व्हिच इस थे रॉंग वे तो दो सो।
नाउ, थिंकिंग थे वे इंडिया है के उप इन लास्ट तेन इयर्स आईटी कुड बे सीन इन थे लिंक गिवेन बिलो व्हिच इस थे डाटा बी मर। पियूष गोयल अबोयूट थे इम्पोर्ट्स एंड एक्सपोर्ट्स एंड व्हिच कुड तेल्ल हाउ इंडिया है बिकम थे बिग बॉस एंड विल रेमें दोंग सो िफ़ ओनली अफवाह अपने आप ख़तम हो जाये और इंडिया लॉजिकल थिंकिंग अपना ले!
हेरे इस थे लिंक तो अंडरस्टैंड थे डिटेल्स हाउ इंडिया इस वर्किंग थी डेज एंड थे फूल्स अरे स्प्रैडिंग थे थ्रेट ऑफ़ वायरस एंड इतर आस्पेक्ट्स:
India Inc Report: https://pib।gov।in/newsite/PrintRelease।aspx?relid=१९११७०
प।स: जो अपनी पढाई लगन और पैसे से पढ़ा है वो उतना ही वडवान है जितना सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला छात्र। इसी लिए हसने वाली लोगो से न घबराता हुए अपनी विद्वता पर घमंड कीजिये पर इतराइए तो अपने वक्तव्य पर और अगर आप अपने आप में कमी खंगालेंगे तो दुनिया हासिये पर रखने के लिए तैयार रहेगी!
कहते है सर्टिफिकेट आदमी का चेहरा, मोहरा और मोहर देख कर नहीं मिलता है बल्कि वो अपने डैम पर उसको प्राप्त करता है। जब आप किसी को पढ़ा लिखा समझेंगे तभी वो पढ़ा लिखा लगेगा! नहीं तो सड़क पर चलने वाला हर वो व्यक्ति अपने आप में विद्वानन है जिसे समझ है की सड़क कब और कितनी गति से पर करना है।
यहाँ कही नहीं सोच से इंसान समृद्ध हुआ है जब भी हुआ है तो अपने कर्मो से! कितने लोग है आज जो भारत में महंगाई का रोना रटते है पर उनके पास कमसे-काम खाने पहनने के कपडे है।
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कोणवीरस -१९ का जो खौफ फैलाया गया उसकी वजह सिर्फ यही थी की कुछ लोग भारत को नंबर १ पोस्टिव पर आते देख कर सकते मेंन आ गए। उन्हें बर्दाश्त नहीं हुआ की जो भारत कभी अमेरिका और ब्रिटैन का मोहताज हो गया तहत आज लोगो की म्हणत से समृद्ध हो गया है।
अगर मीडिया ये दिखते है की लुधिअना में वो लोग सड़को पर जीने को मजबूर है तो उन्हें समझना चाहिए की वो लोग वापस अपने गर भी तो पहुंचे है जिन्होंने अपनी आधी जिंदगी झोंक दी दो वक़्त की रोटी कमाने के लिए।
एक कहावत है "का खाई का बचाई और का ले जय प्रदेश से एकरा से ाचा खत रही रोटी अप्पन देश में"!
नाउ, गेटिंग बैक तो थे पॉइंट िफ़ वे सी तहत इंडिया है बिकम ान नंबर इन एक्सपोर्टिंग ऑफ़ फ़ूड प्रोडक्ट्स एंड वेजटेबल्स व्हिच शोज की वे अरे नॉट बिकमिंग नंबर ओने इन टर्म्स ऑफ़ नौटंकी बूत बूत आईटी इस बिकॉज़ ऑफ़ आवर थॉट्स ऑफ़ जनरेटिंग आवर ओन ब्रेड एंड बटर।
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India Inc Report: https://pib।gov।in/newsite/PrintRelease।aspx?relid=१९११७०
प।स: जो अपनी पढाई लगन और पैसे से पढ़ा है वो उतना ही वडवान है जितना सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला छात्र। इसी लिए हसने वाली लोगो से न घबराता हुए अपनी विद्वता पर घमंड कीजिये पर इतराइए तो अपने वक्तव्य पर और अगर आप अपने आप में कमी खंगालेंगे तो दुनिया हासिये पर रखने के लिए तैयार रहेगी!
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